द्विगु समास


द्विगु समास :

  • द्विगु समास में पहला पदवाचक विशेषण होता है और वह किसी समूह या समाहार का बोध कराता है। 

    द्विगु समास के 50 उदाहरण दिए गए हैं:-
    1. त्रिरत्न:  तीन रत्न
    2. सप्ताह:  सात दिन का समूह
    3. अष्टाध्यायी:  आठ अध्यायों का समूह
    4. पंचवटी:  पांचवी वट वृक्षों का समूह
    5. चतुर्भुज:  चार भुजाओं वाला
    6. सप्तशती:  सात सौ का समूह
    7. शताब्दी:  सौ वर्षों का समूह
    8. सहस्त्र:  हजार का समूह
    9. दशहरा:  दस दिनों का समूह
    10. अन्नपूर्णा:  अन्न देने वाली
    11. नवग्रह:  नौ ग्रह
    12. द्वादश:  बारह
    13. त्रिलोकी:  तीन लोक
    14. पंचतंत्र:  पंचतंत्र
    15. त्रिदेव:  तीन देवता
    16. सप्तऋषि:  सात ऋषि
    17. अष्टधातु:  आठ धातु
    18. सप्तसागर:  सात समुद्र
    19. चतुराशी:  चालीसा
    20. पंचरत्न:  पंचरत्न
    21. सावन:  सावन का महीना
    22. अष्टांग:  आठ अंग
    23. द्वादश:  बारह
    24. तिलक:  तिलक का पौधा
    25. सप्तपर्णी:  सात वजन वाला पेड़
    26. त्रिपुर:  तीन पुर
    27. सप्तर्षि:  सात ऋषि
    28. अष्टविनायक:  आठ विनायक
    29. चतुष्कोणीय:  चार कोण वाला
    30. सप्तप्राण:  सप्तप्राण
    31. त्रिसंध्या:  त्रिसंध्या
    32. पंचमेवा:  पाँच प्रकार की मेवा
    33. नवरात्रि:  नौ रातों का समूह
    34. षट्संकल्पना:  छह संकल्पना
    35. सप्तश्रृंगी:  सात श्रृंग वाला
    36. त्रिशक्ति:  तीन शक्ति
    37.  षट् कोण : छह कोण 
    38. अष्टांग:  आठ अंग
    39. सप्तलोक:  सात लोक
    40. अष्टदल:  आठ दल
    41. त्रिमूर्ति:  तीन मूर्ति
    42. सप्तश्रृंगी:  सात श्रृंग वाला
    43. पंचमुखी:  पांच मुख वाला
    44. त्रिस्तरीय:  तीन स्तर का
    45. अष्टविध :  आठ प्रकार का
    46. नवदुर्गा:  नवदुर्गा
    47. चतुर्वेद:  चार वेद
    48. त्रिपद:  तीन पद
    49. षट्पद:  छह पद
    50. अष्टविनायक:  आठ विनायक

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